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अभ्यास परीक्षा बनाएँ: लक्ष्य, प्रश्न और प्रतिक्रिया

कवरेज, उत्तर मानदंड और पुनःजाँच की योजना: छह चित्र तथा आठ अंकों का स्वतंत्र उदाहरण।

भारत में हिंदी माध्यम से अभ्यास के लिए। शुरुआत में A4 कागज़ चुना गया है। गणित के छोटे अभ्यास बनाएँ या अपनी पाठ्यपुस्तक के शब्दों से कार्ड तैयार करें। ये वर्कशीट CBSE, ICSE या किसी राज्य बोर्ड की स्वीकृत सामग्री होने का दावा नहीं करतीं।

अद्यतन:

अभ्यास परीक्षा को सीखने के निर्णय के लिए बनाएँ

अच्छी अभ्यास परीक्षा केवल अलग-अलग प्रश्नों का संग्रह नहीं है। उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि विद्यार्थी से क्या सीख दिखाने की अपेक्षा है, कौन-सी सहायता उपलब्ध होगी, उत्तर किस आधार पर देखे जाएँगे और परिणाम के बाद क्या करना है। यदि उद्देश्य अस्पष्ट है, तो लंबा प्रश्नपत्र भी उपयोगी निर्णय नहीं देता। यह मार्गदर्शिका छोटे विषय-विशिष्ट अभ्यास से लेकर स्वयं तैयार परीक्षा तक का व्यावहारिक क्रम देती है।

यह सामग्री शिक्षकों, ट्यूटर्स, अभिभावकों और अपने अध्ययन की जाँच करने वाले विद्यार्थियों के लिए है। यहाँ की योजना आधिकारिक परीक्षा बोर्ड, मानकीकृत परीक्षा या प्रमाणित निदान का विकल्प नहीं है। WorksheetWise के तैयार अभ्यास चुने हुए कौशलों पर हैं। समय, अंक और कठिनाई अपनी कक्षा तथा स्थानीय पाठ्यक्रम के अनुसार जाँचना आवश्यक है।

पहले परिणाम का उपयोग तय करें

क्या आप अगला पाठ चुनना चाहते हैं, पहले से पढ़े विषय की पुनरावृत्ति करना चाहते हैं या परीक्षा जैसे वातावरण में अभ्यास कराना चाहते हैं? इन तीन उद्देश्यों में सहायता, समय और प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। नई सीख के दौरान सूत्र देखकर प्रयास करना उपयोगी हो सकता है। स्वतंत्र स्मरण की जाँच में वही सूत्र दिखाना काम बदल देगा। शर्त स्पष्ट हो तो दोनों उपयोग वैध हैं।

अभ्यास परीक्षाओं में एक विषय चुनें और वास्तविक प्रश्न देखें। केवल परीक्षा नाम पढ़कर पूरी विषय-कवरेज न मानें। पहले तीन प्रश्न स्वयं हल करें और देखें कि वे आपके घोषित उद्देश्य के लिए प्रासंगिक हैं या नहीं।

परीक्षा की शुरुआत: सीखने का लक्ष्य, उपयुक्त प्रश्न और परिणाम से लिया जाने वाला अगला निर्णय

लक्ष्य को देखे जा सकने वाले उत्तर में बदलें

विद्यार्थी विज्ञान समझता है बहुत व्यापक कथन है। अधिक स्पष्ट लक्ष्य है कि वह दिए द्रव्यमान और आयतन से घनत्व निकाले तथा सही इकाई लिखे। इसी तरह लेखांकन में अच्छा है के बजाय सकल लाभ और बिक्री पर मार्जिन का अंतर समझाए कहा जा सकता है। लक्ष्य स्पष्ट होने से प्रश्न और अंक का चयन सरल होता है।

एक प्रश्न से कौन-सा साक्ष्य मिलेगा

यदि केवल अंतिम संख्या पूछी गई, तो सही विधि का प्रत्यक्ष साक्ष्य सीमित होगा। प्रक्रिया माँगने से संबंध और गणना दिखाई दे सकते हैं। व्याख्या माँगने से विद्यार्थी का अर्थ समझना दिख सकता है। हर प्रश्न में तीनों जरूरी नहीं, लेकिन पूरे छोटे परीक्षण में लक्ष्य के लिए पर्याप्त अवसर होना चाहिए।

कठिन भाषा से विषय की जाँच न छिपाएँ

गणितीय संबंध सरल हो सकता है, लेकिन लंबे निर्देश कमजोर पाठक को रोक सकते हैं। यदि लक्ष्य गणित है, तो अनावश्यक भाषा कठिनाई कम करें। यदि लक्ष्य जटिल पाठ पढ़ना है, तो वही कठिनाई विषय का हिस्सा हो सकती है। प्रश्न की भाषा और लक्ष्य का संबंध स्पष्ट रखें। निर्देश पढ़कर सुनाने की सहायता दी जाए तो उसे दर्ज करें।

एक ही उत्तर कई कारणों से गलत हो सकता है

विद्यार्थी ने 120 ÷ 40 के बजाय 120 × 40 किया हो तो संबंध चुनने की गलती है। 120 ÷ 40 सही लिखा लेकिन 4 उत्तर दिया हो तो गणना में गलती है। 3 सही निकाला लेकिन cm लिखा हो तो इकाई का अर्थ कठिन है। केवल शून्य अंक देने से अगले अभ्यास का कारण नहीं मिलता। उत्तर के साथ छोटा त्रुटि संकेत रखें।

विषय-कवरेज का छोटा नक्शा बनाएँ

कवरेज का अर्थ है कि परीक्षा किन कौशलों पर साक्ष्य लेगी। तीन कौशलों के पाँच-पाँच प्रश्न होने से कुल पंद्रह प्रश्न बनते हैं। लेकिन समान प्रश्न संख्या समान कठिनाई, समान समय या समान महत्व का प्रमाण नहीं है। एक छोटा प्रतिशत प्रश्न और कई चरण का व्याख्यात्मक प्रश्न अलग माँग रखते हैं।

वर्तमान तैयार मिश्रण समझें

माध्यमिक गणित अभ्यास परीक्षा समीकरण, प्रतिशत और पाइथागोरस के चुने हुए प्रारूपों पर है। विज्ञान अभ्यास परीक्षा बल, घनत्व और सरल वंशागति का अभ्यास देती है। लेखांकन अभ्यास परीक्षा लेखांकन समीकरण, सकल लाभ और सीधी रेखा मूल्यह्रास पर केंद्रित है। हर विषय के बाकी अध्याय अपने आप शामिल नहीं हैं।

अन्य विषयों का दायरा भी पढ़ें

भूगोल अभ्यास परीक्षा में पैमाना, जनसंख्या घनत्व और वर्षा के चुने हुए प्रश्न हैं। कंप्यूटिंग अभ्यास परीक्षा द्विआधारी रूपांतरण, सरल अनुकरण और बूलियन तर्क पर है। उन्नत गणित अभ्यास परीक्षा गुणनखंडनीय द्विघात और सरल अवकलन-समाकलन प्रारूपों पर है।

अनुपस्थित कौशल लिखकर रखें

यदि आपके अध्याय में रासायनिक समीकरण भी चाहिए, तो वर्तमान मिश्रित विज्ञान परीक्षा की सूची में उसके न होने को पहचानें। अलग संतुलन अभ्यास से उपयुक्त प्रश्न जोड़ा जा सकता है। नया प्रश्न जोड़ने पर उत्तर, अंक और कुल समय फिर जाँचें। विषय का नाम व्यापक होने से कवरेज पूर्ण मान लेना तैयारी में महत्वपूर्ण कमी छोड़ सकता है।

कवरेज योजना: कौशल चुनें, प्रश्नों और अंकों का कारण लिखें तथा अनुपस्थित विषय स्पष्ट करें

प्रश्न लिखने से पहले उत्तर और मानदंड बनाएँ

एक प्रश्न का अपेक्षित उत्तर लिखना उसकी अस्पष्टता पकड़ने का सरल तरीका है। यदि स्वयं हल करते समय दो अर्थ संभव लगें, तो निर्देश सुधारें। यदि प्रश्न केवल संख्या देता है लेकिन इकाई नहीं, तो डेटा पूरा करें। यदि कई वैध उत्तर हो सकते हैं, तो एक मॉडल वाक्य को एकमात्र स्वीकार्य रूप न बनाएँ।

आठ अंकों का छोटा उदाहरण

यह स्वतंत्र शिक्षण उदाहरण है। प्रश्न एक: 3x + 5 = 20 हल करें और जाँचें। तीन अंक रख सकते हैं: उचित रूपांतरण, x = 5 और मूल समीकरण में जाँच। प्रश्न दो: 120 g द्रव्यमान तथा 40 cm³ आयतन से घनत्व निकालें। तीन अंक: सही अनुपात, गणना 3 और इकाई g/cm³। प्रश्न तीन: एक काल्पनिक श्रमिक ने वेतन कटने की चिंता लिखी; क्या इससे वास्तविक कटौती साबित होती है? दो अंक: नहीं और चिंता बनाम देखे तथ्य का स्पष्ट अंतर।

अंक शिक्षक की घोषित योजना हैं

इस उदाहरण का कुल आठ है। यह कोई मानकीकृत अंक-वितरण या परीक्षा बोर्ड का नियम नहीं है। अलग उद्देश्य पर अलग वितरण उचित हो सकता है। यदि केवल समीकरण का अंतिम उत्तर लक्ष्य है, तो प्रक्रिया के तीन अंक देना अलग निर्णय होगा। मानदंड को सीखने के उद्देश्य से जोड़ें और विद्यार्थियों को अपेक्षा बताएँ।

गलत प्रारंभ के बाद सही प्रक्रिया पर नीति तय करें

किसी विद्यार्थी ने पहली गणना गलत की लेकिन आगे उसी मान से उचित प्रक्रिया की, तो प्रक्रिया अंक मिलेंगे या नहीं, पहले तय करें। यह निर्णय प्रश्न के उद्देश्य और स्थानीय नीति के अनुसार होगा। उत्तर देखते समय मनमाने ढंग से एक विद्यार्थी को लाभ और दूसरे को हानि न दें। मानदंड के साथ एक-दो संभावित गलत उत्तरों का उदाहरण रखना स्थिरता में मदद करता है।

उत्तर की तीन जाँच: सही संबंध, सही गणना और उपयुक्त इकाई या व्याख्या

समय और सहायता की शर्तें पहले घोषित करें

समयबद्ध अभ्यास उपयोगी हो सकता है, लेकिन नई अवधारणा सीख रहे विद्यार्थी के लिए बहुत कम समय समझ का साक्ष्य दबा सकता है। तैयार पृष्ठ पर दिया समय एक तैयारी संकेत है; उसे अपने समूह की क्षमता का प्रमाणित मानक न मानें। शिक्षक स्वयं प्रश्न हल करे और विद्यार्थियों के वास्तविक प्रयास से समय की उपयुक्तता देखे।

सहायता का अर्थ स्पष्ट रखें

कैलकुलेटर, सूत्र-पत्र, शब्दावली, पाठ वापस देखने की अनुमति और निर्देश सुनाने की सहायता अलग हैं। यदि उद्देश्य पाठ से प्रमाण खोजना है, तो पाठ देखना स्वाभाविक हो सकता है। यदि उद्देश्य स्मरण है, तो वही अनुमति काम बदलती है। शर्तें बिना बताए परिणामों की तुलना करना अस्पष्ट होगा।

पहुँच की जरूरत को विषय से अलग देखें

बड़ा फ़ॉन्ट, पर्याप्त खाली स्थान या साफ़ चित्र विषय का उत्तर नहीं बताते, लेकिन पढ़ने और लिखने में मदद कर सकते हैं। रंग के साथ लेबल रखें, ताकि अर्थ केवल रंग पर निर्भर न हो। मोबाइल और प्रिंट में चित्र तथा मात्राएँ साफ़ दिखें। आवश्यकता के अनुसार सहायता दें और परिणाम के संदर्भ में उसे दर्ज करें।

परीक्षा जैसी परिस्थिति का दावा सीमित रखें

शांत जगह और घोषित समय से अभ्यास व्यवस्थित होता है, लेकिन इससे प्रश्नपत्र आधिकारिक परीक्षा के बराबर नहीं हो जाता। वास्तविक परीक्षा के नियम, उपकरण, पाठ्यक्रम और अंकन अलग हो सकते हैं। स्थानीय वर्तमान नियम की जाँच आवश्यक है; इस मार्गदर्शिका की सामान्य योजना को उसका स्थान न दें।

अभ्यास की शर्तें: समय, अनुमत सहायता और पढ़ने-लिखने की स्पष्ट प्रस्तुति

परीक्षा डिज़ाइनर में उपयोगी प्रश्नपत्र तैयार करें

परीक्षा डिज़ाइनर खोलने से पहले लक्ष्य, विषय और प्रश्नों की छोटी रूपरेखा लिखें। फिर एक छोटा प्रारूप बनाएँ, उसे पढ़ें और वास्तविक उत्तर स्थान देखें। पूरे प्रश्नपत्र को सुंदर बनाने से पहले उसकी सामग्री और समाधान सही होने चाहिए। स्पष्ट शीर्षक विद्यार्थी को विषय और उद्देश्य बताता है; तकनीकी कार्यान्वयन विवरण की जरूरत नहीं है।

अलग स्रोतों के प्रश्न जोड़ते समय भाषा समान रखें

एक प्रश्न में द्रव्यमान और दूसरे में उसी मात्रा का अस्पष्ट अलग शब्द हो तो विद्यार्थी भ्रमित हो सकता है। इकाइयाँ, संकेत और निर्देश की शैली समान रखें। हिंदी व्याख्या के बीच AND, OR, NOT जैसे संकेत हों तो पहले उनका अर्थ स्पष्ट करें। संख्याएँ बदलने के बाद पुरानी उत्तर पुस्तिका न छोड़ें।

तैयार पृष्ठ का वास्तविक उपयोग जाँचें

प्रिंट में पृष्ठ विभाजन, प्रश्न संख्या, चित्र और उत्तर स्थान देखें। फोन पर पढ़ने का उपयोग हो तो छोटे संकेत और घात स्पष्ट हों। शीर्षक के कारण आधा प्रश्न अगले पृष्ठ पर चला जाए तो क्रम सुधारें। ये छोटी प्रस्तुति जाँचें विद्यार्थी को प्रश्न पर ध्यान देने देती हैं।

मूल्यांकन मानदंड उपकरण में अपेक्षित साक्ष्य व्यवस्थित करें। शब्दावली क्विज़ तकनीकी शब्दों की पुनरावृत्ति के लिए अलग साधन हो सकता है, लेकिन शब्दार्थ याद होना पूरी विषय-समझ नहीं है। सभी तैयार उत्तर शिक्षक को जाँचने हैं; स्वचालित आधिकारिक अंकन का दावा नहीं है।

प्रकाशन से पहले जाँच: प्रश्न और उत्तर, चित्र और स्थान, फिर छोटा वास्तविक प्रयास

छोटे प्रयास से प्रश्नपत्र की समस्याएँ पहचानें

पूरा प्रश्नपत्र नियमित उपयोग में लेने से पहले छोटा प्रयास उपयोगी है। शिक्षक स्वयं पढ़कर हल करे, फिर संभव हो तो एक सीमित समूह से आजमाए। कौन-सा निर्देश पूछा गया, कहाँ जगह कम पड़ी और किस चित्र का संकेत अस्पष्ट था, यह लिखें। केवल कुल अंक देखकर प्रश्नपत्र की गुणवत्ता तय न करें।

निर्देश की गलती और ज्ञान की गलती अलग करें

यदि कई विद्यार्थी एक ही शब्द का गलत अर्थ लेते हैं, तो संभव है निर्देश अस्पष्ट हो। यदि सभी चित्र की लंबाई माप रहे हैं जबकि लिखित मान उपयोग करने थे, तो शर्त पर्याप्त स्पष्ट नहीं थी। प्रश्न सुधारने के बाद नई प्रति पर जाँच करें। अस्पष्ट प्रश्न को कठिन प्रश्न कहकर बनाए रखना उपयोगी मूल्यांकन नहीं है।

संशोधन का छोटा रिकॉर्ड रखें

किस प्रश्न का कौन-सा भाग बदला और क्यों, यह नोट करें। संख्या बदली हो तो समाधान भी फिर निकालें। पुराने और नए परिणाम सीधे तुलना योग्य हैं या नहीं, सोचें। केवल शीर्षक समान होने से दो संस्करण एक जैसी कठिनाई नहीं रखते। बदलते प्रश्नपत्र को आधिकारिक समकक्ष रूप कहने के लिए इस सामान्य समीक्षा से अधिक प्रमाण चाहिए।

विद्यार्थी की प्रतिक्रिया का सीमित उपयोग करें

बहुत आसान या बहुत कठिन जैसी टिप्पणी शुरुआत देती है, लेकिन कारण पूछें। क्या गणना कठिन थी, भाषा अपरिचित थी या समय कम था? एक विद्यार्थी का अनुभव सभी का प्रतिनिधित्व नहीं करता। कई उत्तर और वास्तविक प्रक्रिया देखने से अधिक उपयोगी निर्णय बन सकता है। प्रतिक्रिया को मानदंड और लक्ष्य के साथ पढ़ें।

परिणाम को अगले अभ्यास और पुनःजाँच में बदलें

परीक्षा का उपयोग अंक देने पर समाप्त नहीं होना चाहिए। त्रुटियों को कौशल के अनुसार देखें और छोटा अगला काम चुनें। यदि मार्जिन में लागत हर में रखी गई, तो प्रतिशत के आधार पर अभ्यास दें। यदि असमिका में चिह्न नहीं बदला, तो ऋणात्मक संख्या से भाग के संबंध पर लौटें। यदि पाठ में प्रस्ताव को परिणाम मान लिया, तो समय और साक्ष्य अलग पढ़वाएँ।

केवल सबसे कम कुल वाले विद्यार्थी को एक जैसा काम न दें

दो विद्यार्थियों के कुल अंक समान हो सकते हैं, लेकिन एक को गणना और दूसरे को प्रश्न पढ़ने में सहायता चाहिए। प्रश्नवार छोटा रिकॉर्ड उपयोगी है। सभी गलतियों के लिए वही लंबा गृहकार्य देने के बजाय एक लक्षित उदाहरण, सहायता और नया स्वतंत्र प्रयास रखें।

प्रतिक्रिया लागू करने का अवसर दें

सही इकाई लिखो कहने के बाद नए घनत्व प्रश्न में देखें कि विद्यार्थी g/cm³ लिखता है या नहीं। स्रोत की सीमा बताओ कहने के बाद नया छोटा ऐतिहासिक दावा दें। बिना अगली कोशिश के यह नहीं पता चलता कि प्रतिक्रिया का उपयोग हुआ। पुनःजाँच का प्रश्न समान कौशल माँगे, लेकिन केवल पहले उत्तर की स्मृति से हल न हो।

स्वयं-अध्ययन में भी प्रक्रिया रखें

विद्यार्थी अपनी गलतियों की छोटी सूची बनाए: प्रश्न, गलती का कारण, सही संबंध और नया अभ्यास। हर गलत उत्तर को ध्यान नहीं दिया कहने से आगे की योजना नहीं बनती। कारण स्पष्ट न हो तो शिक्षक या उपयुक्त स्रोत की मदद लें। एक छोटी सही जाँच के बाद समय के अंतर से नया प्रश्न देना सीख की स्थिरता देखने का अवसर है।

सीख-जाँच: आठ अंकों की योजना का मूल्यांकन करें

यह जाँच शिक्षक या स्वयं अभ्यास तैयार करने वाले व्यक्ति के लिए है। पहले ऊपर की आठ अंक वाली योजना देखें। फिर नीचे के प्रश्नों पर उत्तर दें। उद्देश्य अंकन और साक्ष्य का संबंध समझना है, किसी आधिकारिक परीक्षा नियम को याद करना नहीं।

कुल और साक्ष्य की जाँच

पहला: तीन, तीन और दो अंकों का कुल कितना है? आठ। दूसरा: समीकरण के तीन अंक किन बातों के लिए हैं? उचित रूपांतरण, x = 5 और मूल समीकरण में जाँच। तीसरा: घनत्व प्रश्न में केवल 3 लिखने से क्या पूरा अपेक्षित उत्तर मिलता है? नहीं; योजना में अनुपात और g/cm³ इकाई भी देखी जा रही है। यदि उद्देश्य बदलना हो तो मानदंड पहले बदलें, उत्तर देखते समय अचानक नहीं।

व्याख्या और सहायता की जाँच

चौथा: काल्पनिक श्रमिक की चिंता वास्तविक वेतन कटौती का प्रमाण क्यों नहीं है? चिंता संभावित घटना के बारे में है; घटित कटौती का अवलोकन नहीं दिया गया। पाँचवाँ: एक विद्यार्थी को सूत्र दिखाया गया और दूसरे ने याद से लिखा। क्या दोनों परिणाम बिना संदर्भ समान परिस्थिति के कह सकते हैं? नहीं। सहायता की शर्त अलग है और निष्कर्ष में उसे दर्ज करना चाहिए।

छठा: विज्ञान की तैयार मिश्रित परीक्षा में बल, घनत्व और वंशागति हैं। क्या उससे रासायनिक संतुलन की पूरी समझ भी सिद्ध होती है? नहीं। उस कौशल का अलग प्रश्न चाहिए। सातवाँ: प्रश्न की संख्या बदलने के बाद पुरानी उत्तर पुस्तिका चल सकती है? केवल तब जब समाधान फिर जाँचकर सही पाया गया हो; अनुमान पर्याप्त नहीं है।

एक सुधार योजना लिखें

आठवाँ: विद्यार्थी ने सकल लाभ का सही अंतर निकाला लेकिन प्रतिशत के लिए लागत से भाग दिया। अगला उपयोगी काम क्या है? बिक्री और लागत के दो अलग आधार लिखवाएँ, दोनों प्रतिशतों का अर्थ तुलना करें और नए बिक्री-आधारित मार्जिन प्रश्न में सही हर चुनवाएँ। केवल अधिक जोड़-घटाव अभ्यास उस मुख्य गलती को सीधे संबोधित नहीं करता।

इन उत्तरों से अपनी योजना में एक बदलाव चुनें। वह निर्देश स्पष्ट करना, सहायता दर्ज करना या पुनःजाँच जोड़ना हो सकता है। हर बदलाव का उद्देश्य बताने से प्रश्नपत्र नियमित उपयोग में अधिक सुसंगत बनता है।

आठ अंकों का मॉडल: समीकरण के तीन, घनत्व के तीन और स्रोत व्याख्या के दो अंक

स्रोत और अगला उपयोगी कदम

प्रतिक्रिया की योजना पर Education Endowment Foundation का शिक्षण मार्गदर्शन और उसके प्रतिक्रिया संबंधी साक्ष्य सार आगे पढ़े जा सकते हैं। यहाँ की आठ अंक योजना स्वतंत्र उदाहरण है, उन संस्थाओं की आधिकारिक परीक्षा या WorksheetWise का अनुमोदन नहीं। साक्ष्य को अपने विषय और विद्यार्थियों के संदर्भ में सोचकर लागू करें।

स्थानीय परीक्षा अपेक्षाएँ अलग जाँचें

भारत में बोर्ड, विद्यालय और विषय के अनुसार पाठ्यक्रम, उपकरण तथा अंकन की अपेक्षा अलग हो सकती है। संबंधित वर्तमान आधिकारिक दस्तावेज़ से मिलान करें। केवल हिंदी में प्रश्नपत्र या समान समय सीमा होना आधिकारिक परीक्षा जैसा परिणाम सुनिश्चित नहीं करता। अभ्यास का घोषित उद्देश्य सीमित और स्पष्ट रखें।

अभ्यास परीक्षाओं का एक नमूना खोलें, स्वयं हल करें और उसकी कवरेज लिखें। आवश्यकता हो तो परीक्षा डिज़ाइनर में अपने प्रश्न जोड़ें। हिंदी पुस्तकालय तैयार प्राथमिक सामग्री का अलग संग्रह है; उसे सभी उच्च कक्षाओं के पूर्ण परीक्षा पैक के रूप में न समझें।

नियमित तैयारी में उपलब्ध सामग्री, संग्रह और सहेजने की सुविधाएँ उपयोगी हों तो वर्तमान योजनाएँ देखें। सबसे पहले छोटा प्रश्नपत्र चलाएँ, वास्तविक कठिनाई पहचानें और परिणाम से अगला अभ्यास चुनें। इस क्रम से परीक्षा तैयारी सीखने की प्रक्रिया का उपयोगी हिस्सा बनती है।

विषय और कौशल

ये मौलिक अभ्यास संसाधन हैं। स्तर चयन में मदद करते हैं; वे राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की स्वीकृति नहीं दर्शाते।